भारत का वह गुप्त समाज जहां रोने का है पेशा — जानिए इस अनोखी परंपरा के राज़
आप ने कभी सोचा है कि किसी के अंतिम संस्कार में जो महिलाएं सबसे ज़्यादा ज़ोर-ज़ोर से विलाप करती हैं, क्या वह सचमुच परिवार के सदस्य होती हैं? या फिर यह एक सुनियोजित परंपरा है जो सदियों से भारत के कई हिस
# भारत का वह गुप्त समाज जहां रोने का है पेशा — जानिए इस अनोखी परंपरा के राज़
आप ने कभी सोचा है कि किसी के अंतिम संस्कार में जो महिलाएं सबसे ज़्यादा ज़ोर-ज़ोर से विलाप करती हैं, क्या वह सचमुच परिवार के सदस्य होती हैं? या फिर यह एक सुनियोजित परंपरा है जो सदियों से भारत के कई हिस्सों में चली आ रही है?
आपको जानकर हैरानी होगी कि भारतीय समाज में "मातम की परंपरा" को पेशे के तौर पर अपनाने वाली एक पूरी जाति रही है। ये महिलाएं न सिर्फ किसी को याद करती हैं, बल्कि एक कला के रूप में रोना-बिलखना सीखती हैं और इसे परिवार से परिवार तक हस्तांतरित करती हैं। आइए, जानते हैं इस अनोखे समाज के बारे में जो आज भी भारत के कई कोनों में अपनी परंपरा को जीवंत रखे हुए है।
"अरिल्स" — जो महिलाएं प्रफेशनली रोती हैं
महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में एक विशेष वर्ग की महिलाएं होती हैं जिन्
Written by
Vikram Aditya Shastri
The Lost Paragraph
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