आसमान के नीचे रहना: जानिए कैसे विमान आपके मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं
जब आप किसी एयरपोर्ट के पास रहते हैं, तो रोज़ सुबह से रात तक एक ही आवाज़ सुनाई देती है — जेट इंजन की गर्जना। आप सो रहे होते हैं, और अचानक एक विमान सिर के ऊपर से गुज़रता है। बस कुछ सेकेंड की बात है, लेक
# आसमान के नीचे रहना: जानिए कैसे विमान आपके मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं
जब आप किसी एयरपोर्ट के पास रहते हैं, तो रोज़ सुबह से रात तक एक ही आवाज़ सुनाई देती है — जेट इंजन की गर्जना। आप सो रहे होते हैं, और अचानक एक विमान सिर के ऊपर से गुज़रता है। बस कुछ सेकेंड की बात है, लेकिन उन सेकेंडों का असर आपके दिमाग पर कितना गहरा पड़ता है, यह शायद आप कभी सोचे ही नहीं।
दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु — ये शहर जहां इंदिरा गांधी एयरपोर्ट या अन्य flight hubs हैं, वहां लाखों लोग रहते हैं जो रोज़ इसी दबाव में जीते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह सिर्फ शोर नहीं है? यह एक मनोवैज्ञानिक संकट है जो धीरे-धीरे आपके दिमाग़ को तबाह कर सकता है।
शोर की मार — जब आपका दिमाग़ "Alert Mode" में रहे
विमान की आवाज़ सिर्फ कान तक नहीं पहुंचती। यह आपके nervous system को सीध
Written by
Meenakshi Iyer
The Lost Paragraph
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