वह सैनिक जिन्होंने शांति की खबर मिलने के बाद भी हथियार नहीं डाले
युद्ध समाप्त हो चुका था। दुनिया जश्न मना रही थी। लेकिन कहीं दूर, जंगलों की गहराई में, पहाड़ों की कोखों में, कुछ सैनिक अभी भी लड़ाई लड़ रहे थे — क्योंकि उन्हें पता ही नहीं था कि war खत्म हो गया है। यह
# वह सैनिक जिन्होंने शांति की खबर मिलने के बाद भी हथियार नहीं डाले
युद्ध समाप्त हो चुका था। दुनिया जश्न मना रही थी। लेकिन कहीं दूर, जंगलों की गहराई में, पहाड़ों की कोखों में, कुछ सैनिक अभी भी लड़ाई लड़ रहे थे — क्योंकि उन्हें पता ही नहीं था कि war खत्म हो गया है। यह सिर्फ कहानी नहीं, बल्कि इतिहास का वह काला सच है जो किताबों के पन्नों में दब गया।
जब दुनिया को शांति मिल गई, पर सैनिकों को खबर नहीं
दूसरे विश्व युद्ध के बाद का समय था। 1945 की गर्मियों में जब Japan और Germany ने हार मान ली, तो संपूर्ण दुनिया में एक अलग ही खुशी का माहौल बन गया। लेकिन太平洋के दूरदराज द्वीपों पर तैनात कुछ Japanese सैनिकों को इस सच्चाई का अंदाज़ा नहीं था।
ये सैनिक बहुत पहले अपने-अपने island posts पर भेजे गए थे। दिन में एक बार radio सुनना, ज़रूरत के हिसाब से खबरें मिलना — ये सब कुछ धीरे-धीरे बंद ह
Written by
Priya Nair
The Lost Paragraph
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