भारत के 'भूतिया सैनिक': जिन्हें मार दिया गया, पर रिकॉर्ड में कभी मरे ही नहीं
Aap sochte honge na — क्या कोई आदमी दो बार मर सकता है? एक बार जब बुलेट उसके सीने को छेद दे, और दूसरी बार जब सरकार ही भूल जाए कि वो कभी था। यही कहानी है भारत के उन हजारों सैनिकों की जिनका नाम कभी "शहीद
# भारत के 'भूतिया सैनिक': जिन्हें मार दिया गया, पर रिकॉर्ड में कभी मरे ही नहीं
Aap sochte honge na — क्या कोई आदमी दो बार मर सकता है? एक बार जब बुलेट उसके सीने को छेद दे, और दूसरी बार जब सरकार ही भूल जाए कि वो कभी था। यही कहानी है भारत के उन हजारों सैनिकों की जिनका नाम कभी "शहीद" की सूची में लिखा ही नहीं गया।
1962 से लेकर 1971 तक, जब भारत तीन बड़ी जंगों में उलझा था, कुछ सबसे भयावह प्रशासनिक विफलताएं हुईं जिनके बारे में इतिहास की किताबों में मुश्किल से कोई चर्चा करता है। हजारों सैनिकों की मृत्यु हुई। लेकिन उनके नाम, उनकी तारीखें, उनकी जगहें — सब कहीं खो गईं। और उनके परिवार? वे आज भी अधूरी पेंशन पर जी रहे हैं, इंतज़ार करते हुए उस आधिकारिक दस्तावेज़ का जो कभी आया ही नहीं।
भूतिया सैनिकों का राष्ट्रगान
1962 की भारत-चीन युद्ध के बाद, भारतीय सेना पूरी त
Written by
Rohan Mehta
The Lost Paragraph
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